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Thursday, 15 August 2013

स्वातंत्रता कीस गधे का नाम है ।

स्वातंत्रता कीस गधे  का नाम है ।




 साहित्य सम्राट अण्णाभाऊ साठे अपनी एक मुर्गी नाम कि कहाणी में एक सवाल खडा करते है कि "स्वातंत्रता कीस गधे  का नाम है?"
साच मे आझादी किसकी । येह तो ट्रान्सफर ऑफ पावर है । एक विदेशिने(इंग्रेज)जाते जाते दुसरे विदेशी(ब्राह्मण) के हात में सत्ता सोप दी । 1947 को 3%विदेशी ब्राह्मण ,विदेशी अंग्रेजो की गुलामी से आजाद हो गया
हम भारत के 85% मूलनिवासी बहुजन पिछड़ी जात (OBC SC ST और इनमे से धर्मपरिवर्तित ) के लोग आज भी विदेशी ब्राह्मणों के गुलाम है !ये आझादी हमारी नाही है । 'दुनिया का भारत ही एकमात्र ऐसा देश है ,जहा के लोग गुलाम होकर ,गुलामी में भी अपनी आजादी का झूठा जश्न मानाते  है !''

1947 को 3%विदेशी ब्राह्मण ,विदेशी अंग्रेजो की गुलामी से आजाद हो गया
हम भारत के 85% मूलनिवासी बहुजन पिछड़ी जात (OBC SC ST और इनमे से धर्मपरिवर्तित ) के लोग आज भी विदेशी ब्राह्मणों के गुलाम है !!

स्वातंत्रताके अवसर पर खुद को कूछ सवाल पुछो .

१)स्वतंत्रता के दुसरे हि दिन यांनी १६ ऑगस्ट १९४७ को अण्णाभाऊ साठेँजी ने लाखोँ लोगोका मोर्चा निकाल के  ' ये आजादी झुठी है ' ऐसा  क्यू कहा ?

२)आदिवासीँयो ने आज हातो में शस्त्र , हतियार क्यो उठाये है ?

३)राष्ट्रगीत असल में  अर्थ क्या है, सच्च्याई क्यो छुपाई जा रही है  ?

४) हमे जो संविधान ने हक ओर अधिकार दिये थे , ओ क्यू  छिन लिये जा राहे है ?

५)किसान आत्महत्या क्यो कर रहे है ? ऐसी  परिस्थिती किसके वजह से आई ?

६)क्या सच मे  हम आझाद  है ?